गुरुवार, 21 अप्रैल 2011

वजूद

जो दिखता है यहां, मेरा एक टुकड़ा है/
जो बिखरा है टुकड़े-टुकड़ों में/
मेरा वजूद है।

3 टिप्‍पणियां:

Anupama Tripathi ने कहा…

beautiful ....!!

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बहुत खूब

Manoj K ने कहा…

बहुत कम शब्दों में बहुत कुछ..