Wednesday, August 15, 2012

दुआ दीजिए कि दुआओं में दम हो


पारूल नाम है उसका। वैसे प्यार से सब सीपू बुलाते हैं उसके। शहद-सी बोली, उतनी ही मीठी शक्ल और उतने ही ख़ूबसूरत दिल की नेमत किसी एक को मिलती है तो कैसे मिलती है, ये सीपू को पहली बार देखा था तो समझा था। उससे मेरा ख़ून का रिश्ता नहीं। यूं भी अक्सर ख़ून पानी हो जाता है और जो बचा रहता है, दिल का रिश्ता होता है। उसके भाई से मेरा एक धागे का रिश्ता है, पिछले कई सालों से। इतने ही सालों से कि याद भी नहीं आता कि उसने क्यों मुझे 'दीदी' कहना शुरू कर दिया था जबकि उम्र के इतने से फ़ासले पर हम एक-दूसरे को नाम से ही बुलाया करते है।

ख़ैर, उसी एक धागे और इसी एक धड़कते दिल का रिश्ता रहा कि हम महीनों ना मिलते, लेकिन फिर भी एक-दूसरे की ख़बर ले रहे होते। उन्हीं ख़बरों में एक-दूसरों के परिवारों की, दोस्त-यारों की ख़बर शामिल होती। उन्हीं ख़बरों में ब्रेक-अप्स, हैंगअप्स, करियर ब्रेक्स, बदलते हुए पते, बदलती हुई पहचान और बदलती हुई ज़िन्दगियों की निशानियां भी बंटती रहीं। उन्हीं ख़बरों में सीपू की शादी होने की ख़बर भी थी, जिसका जश्न मैंने फेसबुक पर उसकी सगाई और फिर शादी की तस्वीर देखकर मनाया। उन्हीं ख़बरों में सीपू के गोद में एक नए मेहमान के आने की ख़बर भी शामिल थी। और उन्हीं ख़बरों में सीपू की डिलीवरी से कुछ ही हफ्ते पहले उसके ब्रेस्ट कैंसर की ख़बर भी शामिल थी। बीबीएम, फेसबुक और फोन पर उन्हीं ख़बरों में सीपू की जीवटता और कैंसर से जूझने के किस्से भी शामिल होते रहे हैं।

कल एक और ख़बर मिली। छह महीने के आरव की मां सीपू की हड्डियों में भी कैंसर फैलने लगा है। ना ना। कोई मातमपुर्सी के लिए नहीं बैठे हम। हम बात सीपू की कर रहे हैं, जिसके अदम्य साहस और जीजिविषा की बात करते हुए मुझे अपनी शब्दावली के अतिसंकुचित होने का अहसास होता है। दस दिनों के रेडिएशन और हॉर्मोनल इंजेक्शन के बाद सीपू ठीक हो जाएगी। लेकिन उसकी हिम्मत मुझे हैरान करती है। लिखने तो बैठी हूं और सोचा तो है कि सीपू की तकलीफ़ और तकलीफ़ पर हर बार मिलती उसकी जीत के बारे में बताऊं आपको, लेकिन शब्द कम पड़ रहे हैं।

ज़िन्दगी वाकई सबसे बड़ी और कठोर अध्यापिका होती है। जिन पाठों को हम सीखना नहीं चाहते, जिस सच को स्वीकार नहीं करना चाहते, उसे सामने ला पटकने के कई हुनर मालूम हैं उसे। कहां तो हम छोटी-छोटी परेशानियों का हज़ार रोना रोते हैं  और कहां संघर्ष ऐसा होता है कि हर पल भारी पड़े। अब अपनी तन्हाई का रोना रोना चाहती हूं तो सीपू याद आती है। मन को तो फिर भी बहला लें, लेकिन उसके शरीर का दर्द लाख चाहकर भी कौन कहां बांट पाता होगा? हमें अपने-अपने हिस्से का दुख ख़ुद झेलना होता है और उस दुख को झेलकर जो निकलता है, वही सच्चा सुपरस्टार होता है।

सीपू, कैंसर से एक लड़ाई तुम लड़ रही है और तुम्हारे साथ-साथ सीख हम रहे हैं। ज़िन्दगी के इम्तिहान में सीढ़ी-दर-सीढ़ी ऊपर तुम चढ़ रही हो, हिम्मत हमें मिल रही है। तुमसे सीखा है कि तकलीफ़ों को हंसकर झेल जाने पर कविता-कहानियां लिखना बहुत आसान है, उन्हें महीनों लम्हा-लम्हा जीए जाना बहुत मुश्किल। तुमसे सीखा है कि जैसे दर्द की कोई सीमा नहीं होता, वैसे ही सब्र और हिम्मत का कोई पैमाना नहीं होता। तुमसे सीखा है कि हज़ार शिकायतों हों तब भी ज़िन्दगी अनमोल है और जीने के काबिल बनाया जा सकने वाला हर पल बेशकीमती। सीपू, तुमसे सीखा है कि जब तकलीफ, मुसीबत और परेशानियां हर ओर से घेरती हैं तभी हमारी सही औकात सामने आती है। तुमने तो ऐसी मिसाल कायम की है कि हम अपने बच्चों को बताएंगे - सीखना है तो सीपू मौसी से सीखो।

तुम्हारे लिए इस पब्लिक फोरम पर लिख रही हूं पंद्रह अगस्त की सुबह-सुबह, इस दुआ के साथ कि तुम्हारी तकलीफ़ों और दर्द से तुम्हें जितनी जल्दी हो सके, आज़ादी मिले। दुआ है कि मेरी एक दुआ में कई दुआएं शामिल हों और सबमें इतना असर तो हो कि तुम्हारी तकलीफ़ कम हो सके। दुआ ये भी है कि तुम्हारी हिम्मत का एक क़तरा ही सही, हमें भी मिल सके।

लव यू, सीपू। 



12 comments:

Vivek Rastogi said...

आजादी का सही मायना यही है, जब हम उसके महत्व को समझें और उसके पीछे किये गये संघर्ष को याद रखें ।

rashmi ravija said...

हमारी दुआ भी शामिल है...सीपू की मुस्कान सदा कायम रहे....मुस्कराती तो वो अब भी है..पर उसमे दर्द का लेश भी शेष ना रहे...

संजय @ मो सम कौन ? said...

सीपू के लिए आपकी हर दुआ के साथ हमारी दुआ भी शामिल रहेगी|

P.N. Subramanian said...

लगा मेरी ही बेटी है. मेरी भी दुआएं.

My Soulsoup said...

May God bless her and she get well soon.

Dr.Nidhi Tandon said...

तुम्हारी दुआ में मेरी भी दुआ शामिल है ...सीपू जल्दी ठीक हो जाए.

Mahi S said...

इस पाक महीने में उपरवाला सबकी दुआ कुबूल करता है...सीपू इंशाल्लाह जल्दी ठीक हो जाएगी

poonam said...

sipu ko mile jaldi hi aaram, dil se yahi dua hae

प्रवीण पाण्डेय said...

ईश्वर से विनम्र प्रार्थना है कि वह आपको शीघ्रतम स्वस्थ करे।

Bhoopesh Dhurandhar said...

may god bless her..wishing her a healthy and speedy recovery...

प्रतिभा सक्सेना said...

सीपू पूरी तरह स्वस्थ हो जाये -पूरे अंतर्मन से हम कई लोग यह कामना करते हैं !

vivek shukla said...

स्तब्ध था थोड़ी देर के लिए पढ़ने के बाद। फिर हिम्मत का एक कतरा सीपू से ही लिया। शब्द थोथे होते हैं, लेकिन इशारा काफी होता है। यदि कहीं ईश्वर है, तो वो सीपू को और हिम्मती, साहसी बनाए...उसकी हिम्मत का बड़ा सा हिस्सा आरव और उसके पापा को भी मिले। साथ ही इस विश्वास पर विश्वास और गहरा हो कि अनेक नाम हैं जिन्होंने कैंसर को धूल चटाई है...उन नामों में सीपू का नाम भी शामिल हो।