Saturday, February 4, 2012

उम्र ढलती है तो ढला करे

"Why do you always have to look ten years older?" स्कूल में साथ पढ़नेवाली एक दोस्त से सदियों बाद भी मिलती हूं तो पहला कमेन्ट ये मिलता है। "Why do you always have to worry about looking younger," जवाब दे दिया है और बात ख़त्म हो जानी चाहिए। लेकिन होती नहीं। तुम ऐसे कपड़े पहनती ही क्यों हो, सिल्क की साड़ी ही क्यों, आंटी टाईप बिंदियां ही क्यों... अविराम सवालों के आगे मैंने हार मान ली है। ऐसा नहीं कि किसी ने पहली बार कहा हो कि मैं अपनी उम्र से बड़ी दिखती हूं। आज से नहीं, पिछले बीस सालों से सुन रही हूं। लेकिन इसमें ऐसा अजूबा भी क्या है?

चेहरे पर परिपक्वता ओढ़कर अपने इर्द-गिर्द एक हैलो बनाये रखने की सीख मेरी पहली नौकरी में एक सहयोगी ने दी थी। "Act dumb or act mature, or else you will be stalked. You will be hit at."  बस, इस बात को ऐसे गांठ बांध ली जैसे नौकरी में ख़ुद को बचाए रखने का ये मूलमंत्र था। मैंने बड़ी आसानी से दोनों कर लिया। आसानी से इसलिए क्योंकि मैं एल्डर सिस्टर सिन्ड्रोम की भी शिकार हूं। अपने से सवा साल छोटे भाई के यार-दोस्तों और उनके यार-दोस्तों की यूनिर्वसल दीदी हूं, और ये दीदीपन घर से बाहर, मेरे व्यक्तित्व के साथ चलता रहता है। अपने से चार साल छोटे भाई के दोस्तों को तो ख़़ैर मैं अपने बच्चों से बस ज़रा-सा ही बड़ा मानती हूं।

मिज़ाज की इस सनक का असर ये था कि मुझसे जन्मदिन पर मेरे दफ्तर के एक सहयोगी ने कहा, तुम्हें अब शादी कर लेनी चाहिए।

वो क्यों, मैंने पूछा।

"उम्र हो गई है तुम्हारी।"

"अच्छा? और जानते हैं कितने साल की हुई आज?"

"नहीं, कितने?"

"पच्चीस।"

"ओ, तब तो बहुत दिन हैं तुम्हारे पास।"

ये और बात है कि तीन महीने बाद वाकई मेरी शादी हो गई और जिन सहयोगी ने मेरी उम्र पर चिंता जताई, वो दरअसल खुद जन्मजात बुज़ुर्गियत ओढ़े चलते हैं।

मुझे अपने परिपक्व दिखने का ज़रा भी अफ़सोस नहीं होता। एंटी रिंकल क्रीम और बालों के सतरंगी शेड्स के पीछे भागती दुनिया से कैसे कहें कि कहीं संजीवनी बूटी मिलती नहीं है। उम्र के चढ़ते जाने की फिक्र क्यों हो, ज़ुल्फ़ सर होती है तो हुआ करे... खुशी ना मनाएं कि एक और साल का कर्ज़ उतारा, ज़िन्दगी के अहसान चुकाए? फोरेवर यंग फ़ितरत से होते हैं या सूरत से, या फिर अपने से कमउम्र सिरफिरों की सोहबत से?

पार्क में कोने में बैठकर बच्चों को खेलते देख रही हूं। दस-बारह साल की लड़की मेरे बगल में गिर आया शटल कॉर्क लेने आई है।

"कैन आई हैव दैट कॉर्क... मैम?"

"यस, हियर यू गो। एंड प्लीज़ कॉल मी आंटी। आई लाइक टू बी कॉल्ड आंटी।"

उसके चेहरे पर हैरत है, मेरे चेहरे पर मैच्योरिटी का एक और गाढ़ा लेप।

10 comments:

सागर said...

adbhut !

Ramakant Singh said...

सादगी पर तेरे हैरान हूँ
जिन्दादिली पर लेकिन परेशां क्यूँ
जीवन का बहुत ही सुन्दर रंग .
प्रणाम

Rahul Singh said...

लबादे की तरह ही रहे यह, चाहें तब उतार दें, जब चाहे ओढ़ लें.

प्रवीण पाण्डेय said...

एक बच्चा मन में सदा बैठा रहता है, मौका पाते ही निकल आता है..

rashmi ravija said...

फोरेवर यंग फ़ितरत से होते हैं या सूरत से, या फिर अपने से कमउम्र सिरफिरों की सोहबत से?

सौ बात की एक बात...:)

Manish Kumar said...

हम्म्म तो जे बात है। आपसे मिला तो नहीं अन्यथा इस विषय पर 'सारगर्भित' प्रतिक्रिया देता। :)
चूँकि मेरे साथ ठीक उल्टा होता है इसलिए ये भली भांति जानता हूँ कि उम्र से कम दिखने में भी नुकसान कम नहीं है खासकर जब आप पेशे से परामर्शदाता हों। पर पहनावा तो बस ऊपरी परत भर है असल में आप जैसे हैं वो तो कुछ देर में किसी को आपसे बात कर के ही पता चल जाता है।

Pallavi said...

बिलकुल ठीक कहा आपने सहमत हूँ आपकी बातों से...सार्थक आलेख।

Unknown said...

बहुत कम लोग है इस दुनिया में जो अपनी उम्र का दिखना चाहते है....
आपने बहुत सुन्दर लिखा है ...वास्तव में अदभुत है....
लिखते रहे...अच्छा लगता है....

सतीश पंचम said...

मस्त लिखा है :)

सतीश पंचम said...

ये एल्डर सिस्टर सिण्ड्रोम से मेरे दोनों बेटे बहुत परेशान हैं। सबसे छोटा वाला तो पिटता ही है, बड़ा वाला भी जब तब घुड़की सुनता रहता है अपनी बहन से :)